राष्ट्रीय शास्त्रीय संगीत समारोह प्रसिद्ध सांस्कृतिक मेले एवं महोत्सव

चक्रधर समारोह रायगढ़ (शास्त्रीय संगीत व कत्थक महाकुंभ)

Chakradhar Samaroh Raigarh

विस्तृत परिचय एवं सांस्कृतिक महत्व

"संगीत सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला देश का शीर्षस्थ शास्त्रीय संगीत, तबला वादन और कत्थक नृत्य समारोह।"

रायगढ़ को छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी कहा जाता है। यह समारोह भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और संवर्धन का एक राष्ट्रीय गौरव स्तंभ है।

प्रमुख विशेषताएं एवं मुख्य आकर्षण

  • कत्थक के "रायगढ़ घराना" का गौरवशाली मंचन
  • पद्मश्री, पद्म विभूषण प्राप्त राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां
  • तबला, सितार, सरोद, संतूर और शास्त्रीय गायन
  • 10 दिनों तक चलने वाली कला व संगीत की अविरल धारा

पारंपरिक विधि-विधान, रस्में एवं प्रक्रिया

गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ चक्रधर समारोह का शुभारंभ होता है। देश के शीर्ष कला मर्मज्ञ और विदेशी दर्शक इसमें शिरकत करते हैं।

ऐतिहासिक एवं पौराणिक पृष्ठभूमि

महाराजा चक्रधर सिंह (1905-1947) ने कत्थक नृत्य और तबला वादन में क्रांतिकारी शोध किए और "नर्तन सर्वस्व" जैसे कालजयी ग्रंथों की रचना की।

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