बस्तर संभाग गठन: 1998

दंतेवाड़ा (Dantewada)

मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ (52 शक्तिपीठों में एक), शंखिनी-डंकिनी संगम, बैलाडीला लौह अयस्क खदान (आकाश नगर), बारसूर

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मुख्यालय

दंतेवाड़ा

संभाग

बस्तर संभाग

क्षेत्रफल

3,411 वर्ग किमी

जनसंख्या (लगभग)

2.8 लाख

गठन वर्ष

1998

जिला परिचय एवं संक्षिप्त इतिहास

दंतेवाड़ा का नाम मां दंतेश्वरी के नाम पर पड़ा है जो बस्तर अंचल की अधिष्ठात्री देवी हैं। बैलाडीला की पहाड़ियों में एशिया का सबसे शुद्ध और उच्च कोटि का हेमेटाइट लौह अयस्क पाया जाता है जिसे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जापान तक निर्यात किया जाता है।

मुख्य आकर्षण: मां दंतेश्वरी शक्तिपीठ (52 शक्तिपीठों में एक), शंखिनी-डंकिनी संगम, बैलाडीला लौह अयस्क खदान (आकाश नगर), बारसूर

प्रमुख पर्यटन एवं दर्शनीय स्थल

दंतेवाड़ा जिले के सुप्रसिद्ध प्राकृतिक झरने, प्राचीन मंदिर, जलप्रपात, राष्ट्रीय उद्यान एवं ऐतिहासिक स्मारक:

1

मां दंतेश्वरी मंदिर (शंखिनी-डंकिनी संगम)

दंतेवाड़ा
2

बारसूर (बत्तीस मंदिर

दंतेवाड़ा
3

मामा-भांजा मंदिर

दंतेवाड़ा
4

विशाल गणेश प्रतिमा)

दंतेवाड़ा
5

बैलाडीला डिपॉजिट-14 (आकाश नगर)

दंतेवाड़ा
6

फूलपाड़ जलप्रपात

दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा जिले की जनपद पंचायतें

कुल 4 जनपद पंचायतें

दंतेवाड़ा जिले के प्रशासनिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी जनपद पंचायतें एवं उनके ग्राम पंचायत व आश्रित ग्रामों का विवरण:

जनपद पंचायत दंतेवाड़ा

Janpad Panchayat Dantewada
38 ग्राम पंचायत 61 गांव

जनपद पंचायत गीदम

Janpad Panchayat Geedam
47 ग्राम पंचायत 71 गांव

जनपद पंचायत कटेकेल्याण

Janpad Panchayat Katekalyan
25 ग्राम पंचायत 43 गांव

जनपद पंचायत कुआकोंडा

Janpad Panchayat Kuwakonda
33 ग्राम पंचायत 54 गांव

प्रमुख नदियां एवं भौगोलिक परिदृश्य

प्रवाहित होने वाली प्रमुख नदियां

शंखिनी, डंकिनी, इंद्रावती

खनिज संपदा एवं उद्योग

उच्च कोटि का लौह अयस्क (Bailadila Iron Ore), टिन अयस्क (Cassiterite)

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