मौर्य एवं सातवाहन काल के उपरांत छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय राजवंशों का अभूतपूर्व विकास हुआ। शरभपुरीय और सिरपुर के पाण्डुवंश के शासन में स्थापत्य कला, ईंटों के मंदिर और बौद्ध-वैष्णव समन्वय का स्वर्णिम युग आया।
7वीं शताब्दी का लाल ईंटों से निर्मित भव्य मंदिर, भारतीय पुरातत्व का अद्भुत रत्न
नलवंशी शासक विलासतुंग द्वारा 8वीं सदी में निर्मित पंचायतन शैली का मंदिर
शरभपुरीय राजा प्रसन्नमात्र द्वारा निडिला नदी तट पर बसाई गई ऐतिहासिक नगरी, पातालेश्वर मंदिर
5वीं सदी का सबसे प्राचीन मंदिर व रुद्रशिव की 11 जीवों के अंगों से निर्मित विलक्षण प्रतिमा
छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीक, भौगोलिक सीमाएं, 5 अपवाह तंत्र, खनिज संपदा, 33 जिले, जनजातियां एवं 100+ त्वरित वन-लाइनर फैक्ट्स।
संपूर्ण CG GK देखें (क्लिक करें)