CGPSC & CG Vyapam प्रामाणिक अध्ययन सामग्री
जल-जंगल-जमीन का संघर्ष • 1324 ई. से 1961 ई.

बस्तर का काकतीय वंश एवं ऐतिहासिक 8 जनजातीय विद्रोह

1324 ई. में वारंगल से आए राजा अन्नमदेव ने बस्तर में काकतीय वंश की स्थापना की और मां दंतेश्वरी को कुलदेवी बनाया। ब्रिटिश हुकूमत और मराठा शोषण के विरुद्ध बस्तर के स्वाभिमानी जनजातीय वीरों ने 8 ऐतिहासिक सशस्त्र विद्रोह किए।

ऐतिहासिक कालखंड

8 अध्याय
CGPSC / Vyapam विशेष इतिहास के साथ-साथ भूगोल, नदियां व वन संपदा भी पढ़ें। संपूर्ण CG GK पढ़ें
1324 ई. से 1961 ई.

बस्तर का काकतीय वंश एवं ऐतिहासिक 8 जनजातीय विद्रोह

Kakatiya Dynasty of Bastar & Historic 8 Tribal Rebellions

प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं एवं संदर्भ

अन्नमदेव (1324 ई.): काकतीय वंश संस्थापक। शंखिनी-डंकिनी नदी संगम पर दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी मंदिर की स्थापना की।
पुरुषोत्तम देव: जगन्नाथपुरी के दर्शन के बाद "रथपति" की उपाधि प्राप्त की और बस्तर में विश्व प्रसिद्ध "गोंचा पर्व" (रथ यात्रा) प्रारंभ किया।
दलपत देव: राजधानी मंधौता से जगदलपुर स्थानांतरित की (जगदलपुर को "चौराहों का शहर" कहा जाता है)।
प्रवीर चंद्र भंजदेव: बस्तर के अंतिम लोकप्रिय महाराजा (1936-1961), जिन्होंने आदिवासियों के अधिकारों के लिए प्राण न्योछावर किए।
हलबा विद्रोह (1774-77): अजमेर सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रथम सशस्त्र क्रांति विद्रोह।
परलकोट विद्रोह (1825): गेंदसिंह के नेतृत्व में। प्रतीक: धावक। गेंदसिंह 20 जनवरी 1825 को फांसी पर चढ़कर बस्तर के प्रथम शहीद बने।
तारापुर विद्रोह (1842-54): दलगंजन सिंह के नेतृत्व में दीवान जगबंधु के कर शोषण के विरुद्ध।
मेरिया विद्रोह (1842-63): हिड़मा मांझी के नेतृत्व में ब्रिटिश अधिकारी कैम्पबेल के विरुद्ध (धार्मिक आस्था रक्षा)।
लिंगागिरी विद्रोह (1856-57): धुर्वाराम माड़िया के नेतृत्व में, जिसे "बस्तर का मुक्ति संग्राम" कहा जाता है। 5 मार्च 1856 को फांसी।
कोई विद्रोह (1859): नांगुल दोरला के नेतृत्व में। ब्रिटिश साल वृक्ष कटाई के विरोध में नारा- "एक साल वृक्ष के पीछे एक सिर" (भारत का प्रथम पर्यावरण विद्रोह)।
मुरिया विद्रोह (1876): झाड़ा सिरहा के नेतृत्व में। प्रतीक: आम वृक्ष की टहनी। राजा भैरमदेव का घेराव।
भूमकाल विद्रोह (1910): वीर गुंडाधूर (नेतानार) व लाल कालेंद्र सिंह के नेतृत्व में। प्रतीक: लाल मिर्च, मिट्टी का ढेला, आम की टहनी। अंग्रेजों की नाक में दम करने वाला भीषणतम विद्रोह।

प्रमुख ऐतिहासिक स्थल एवं पुरातात्विक साक्ष्य

दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा

शंखिनी-डंकिनी संगम पर 52 शक्तिपीठों में से एक, बस्तर की अधिष्ठात्री देवी का धाम

परलकोट (पखांजूर)

उत्तर बस्तर कांकेर

क्रांतिवीर गेंदसिंह की कर्मभूमि, अबुझमाड़ की स्वतंत्रता का गवाह

नेतानार गांव

बस्तर (जगदलपुर)

1910 के भूमकाल विद्रोह के अमर महानायक वीर गुंडाधूर का जन्मस्थान

दलपत सागर

जगदलपुर

राजा दलपत देव द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मानव-निर्मित कृत्रिम सरोवर (350 एकड़)

CGPSC / Vyapam परीक्षा उपयोगी स्मरणीय तथ्य

  • गेंदसिंह को "बस्तर का प्रथम शहीद" और वीर गुंडाधूर को "बस्तर का जननायक" कहा जाता है।
  • कोई विद्रोह (1859) चिपको आंदोलन से 114 वर्ष पूर्व हुआ भारत का पहला सफल वन संरक्षण विद्रोह था।
  • बस्तर दशहरा 75 दिनों तक चलने वाला विश्व का सबसे लंबा चलने वाला अनोखा पर्व है।

छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान (CG GK) का अध्ययन करें

छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीक, भौगोलिक सीमाएं, 5 अपवाह तंत्र, खनिज संपदा, 33 जिले, जनजातियां एवं 100+ त्वरित वन-लाइनर फैक्ट्स।

संपूर्ण CG GK देखें (क्लिक करें)