फसल का परिचय एवं छत्तीसगढ़ में महत्व
"छत्तीसगढ़ की सबसे प्रमुख दलहन नकदी फसल। बेमेतरा और कबीरधाम की काली कन्हार मिट्टी में बिना ज्यादा पानी के चने की बंपर पैदावार होती है।"
चना छत्तीसगढ़ के किसानों को रबी में सर्वाधिक शुद्ध मुनाफा देने वाली फसल है। राज्य सरकार दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत प्रमाणित बीज रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही है।
प्रमुख विशेषताएं एवं आर्थिक लाभ
- बाजार भाव हमेशा समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर
- भूमि की उर्वरा शक्ति में प्राकृतिक नाइट्रोजन स्थिरीकरण से वृद्धि
- कम पानी में उतेरा (Paira Crop) या शून्य जुताई में भी सफल उत्पादन
- बेमेतरा का चना पूरे देश की दाल मिलों में अपनी मिठास के लिए प्रसिद्ध
अनुशंसित उन्नत किस्में (IGKV रायपुर)
प्रमुख किस्में: इंदिरा चना-1, जाकी 9218, विजय, जेजी 11, काक 2 (काबुली)
कृषि तकनीकी, बुआई एवं कीट प्रबंधन सलाह
बीज को ट्राइकोडर्मा और राइजोबियम कल्चर से उपचारित करके ही बोएं। फूल आने से पहले फली छेदक (इल्ली) की रोकथाम हेतु फेरोमोन ट्रैप और एनपीवी का प्रयोग करें।
प्रमुख कृषि उपज मंडियां एवं आवक
सर्वोत्तम भाव वाली मंडियां: बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, भाटापारा, दुर्ग
अन्य संबंधित फसलें
33 जिला दर्शन
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