फसल का परिचय एवं छत्तीसगढ़ में महत्व
"धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा। राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की रिकॉर्ड खरीदी की जाती है।"
छत्तीसगढ़ में लगभग 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है। राज्य की लगभग 75% आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य में 2,700 से अधिक उपार्जन केंद्रों (लैंप्स) के माध्यम से किसानों से सीधे धान खरीदा जाता है और राशि सीधे आधार लिंक बैंक खाते में डीबीटी द्वारा भेजी जाती है।
प्रमुख विशेषताएं एवं आर्थिक लाभ
- देश में सर्वाधिक ₹3,100 प्रति क्विंटल का भुगतान (MSP + राज्य अंतर राशि)
- प्रति एकड़ 21 क्विंटल उपार्जन की विशाल सीमा
- दुबराज एवं जीराफूल जैसी विश्वप्रसिद्ध सुगंधित पारंपरिक किस्में (GI Tagged)
- टोकन तुंहर हाथ मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टोकन व्यवस्था
अनुशंसित उन्नत किस्में (IGKV रायपुर)
प्रमुख किस्में: स्वर्णा (MTU 7029), महामाया, दंतेश्वरी, राजेश्री, माधुरी, दुबराज, जीराफूल, बादशाहभोग
कृषि तकनीकी, बुआई एवं कीट प्रबंधन सलाह
रोपाई विधि या श्री विधि (SRI) से बुआई करने पर प्रति एकड़ पैदावार 25-30 क्विंटल तक प्राप्त की जा सकती है। संतुलित मात्रा में एनपीके (NPK 100:50:50) और जिंक सल्फेट का प्रयोग करें। कीट व्याधि से बचाव हेतु नीम तेल का छिड़काव करें।
प्रमुख कृषि उपज मंडियां एवं आवक
सर्वोत्तम भाव वाली मंडियां: धमतरी, कुरुद, भाटापारा, राजिम, बिलासपुर, राजनांदगांव, तिल्दा-नेवरा
अन्य संबंधित फसलें
33 जिला दर्शन
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