फसल का परिचय एवं छत्तीसगढ़ में महत्व
"बस्तर और वनांचल की पारंपरिक अमृत धान्य फसलें। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने कोदो-कुटकी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदकर मिलेट मिशन शुरू किया।"
कांकेर जिले के नथियानवागांव में स्थापित मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट प्रतिदिन 100 टन मिलेट प्रोसेस करता है। इससे आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार और किसानों को सीधा बाजार मिला है।
प्रमुख विशेषताएं एवं आर्थिक लाभ
- देश का सबसे बड़ा मिलेट प्रोसेसिंग प्लांट नथियानवागांव (कांकेर) में स्थापित
- डायबिटीज और बीपी नियंत्रण में लाभकारी ग्लूटेन-मुक्त सुपरफूड
- अत्यल्प वर्षा, बंजर व पथरीली जमीन पर बिना रासायनिक खाद के पैदावार
- मिलेट कैफे (Millet Cafe) के जरिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान
अनुशंसित उन्नत किस्में (IGKV रायपुर)
प्रमुख किस्में: इंदिरा कोदो-1, छत्तीसगढ़ कोदो-2, छत्तीसगढ़ कुटकी-1
कृषि तकनीकी, बुआई एवं कीट प्रबंधन सलाह
कोदो-कुटकी को रासायनिक खाद की आवश्यकता नहीं होती; सिर्फ 2-3 ट्राली गोबर खाद ही पर्याप्त है। कीट-रोग का प्रकोप लगभग शून्य होता है।
प्रमुख कृषि उपज मंडियां एवं आवक
सर्वोत्तम भाव वाली मंडियां: कांकेर, जगदलपुर, कोण्डागांव, कवर्धा, डिंडोरी सीमा
अन्य संबंधित फसलें
33 जिला दर्शन
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किसान कॉल सेंटर (टोल फ्री)
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