कैल्शियम का प्राकृतिक भंडार मिलेट्स (श्री अन्न)

रागी / मड़िया (Finger Millet / Ragi)

Finger Millet / Mandia

मंडी भाव: ₹3,800 - ₹4,350 / क्विंटल | सरकारी दर: ₹4,290 / क्विंटल (केंद्रीय MSP)

फसल का परिचय एवं छत्तीसगढ़ में महत्व

"कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर बस्तर का पारंपरिक अनाज जिसे स्थानीय बोली में "मड़िया" कहा जाता है। बच्चों व माताओं में कुपोषण दूर करने का अचूक साधन।"

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों व गर्भवती महिलाओं को रागी के लड्डू व माल्ट वितरित किए जा रहे हैं, जिससे आदिवासी अंचलों में एनीमिया और कुपोषण दर में भारी गिरावट आई है।

प्रमुख विशेषताएं एवं आर्थिक लाभ

  • दूध से 3 गुना अधिक प्राकृतिक कैल्शियम की प्रचुरता
  • बस्तर के पारंपरिक "पेज" (मड़िया पेज) का प्रमुख घटक
  • रागी हलवा, लड्डू, बिस्कुट और इडली के रूप में पोषण आहार
  • समर्थन मूल्य ₹4,290 प्रति क्विंटल पर सरकारी खरीदी

अनुशंसित उन्नत किस्में (IGKV रायपुर)

प्रमुख किस्में: छत्तीसगढ़ रागी-1, जीपीयू 28, वीएल 149, भैरबी

* इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV रायपुर) एवं कृषि विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ की जलवायु व मृदा के लिए अनुशंसित।

कृषि तकनीकी, बुआई एवं कीट प्रबंधन सलाह

रागी की नर्सरी तैयार कर रोपाई करने से प्रति एकड़ 15-18 क्विंटल तक पैदावार मिलती है। सूखा सहन करने में यह फसल अद्वितीय है।

प्रमुख कृषि उपज मंडियां एवं आवक

सर्वोत्तम भाव वाली मंडियां: जगदलपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, जशपुर

किसान कॉल सेंटर (टोल फ्री)

कृषि वैज्ञानिकों से सीधे फसल, खाद एवं कीट नियंत्रण की सलाह प्राप्त करें।

1800-180-1551