फसल का परिचय एवं छत्तीसगढ़ में महत्व
"दुर्ग का धमधा और जशपुर का पत्थलगांव छत्तीसगढ़ के टमाटर हब हैं। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक टमाटर दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, ओडिशा और बिहार भेजे जाते हैं।"
दुर्ग और जशपुर के प्रगतिशील किसान ड्रिप और आधुनिक संरक्षित खेती अपनाकर टमाटर से प्रति एकड़ ₹2 से ₹3 लाख तक का शुद्ध मुनाफा कमाते हैं। फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर विकसित होने से मूल्य संवर्धन बढ़ रहा है।
प्रमुख विशेषताएं एवं आर्थिक लाभ
- धमधा क्षेत्र को छत्तीसगढ़ का "टमाटर हब" कहा जाता है
- ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग तकनीक से प्रति एकड़ 400-500 क्रेट पैदावार
- कोलकाता, रांची और दिल्ली की आजादपुर मंडी में भारी मांग
- राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत पॉलीहाउस एवं ड्रिप पर 50-70% अनुदान
अनुशंसित उन्नत किस्में (IGKV रायपुर)
प्रमुख किस्में: अभिनव, साहो (3251), यूएस 1505, हिमसोना, पूसा रूबी
कृषि तकनीकी, बुआई एवं कीट प्रबंधन सलाह
तार-बांस (Staking) पद्धति और सिल्वर-ब्लैक मल्चिंग शीट पर रोपाई करें। इससे फल जमीन पर नहीं गिरते, सड़न से बचते हैं और दाग-रहित चमकदार टमाटर मिलते हैं।
प्रमुख कृषि उपज मंडियां एवं आवक
सर्वोत्तम भाव वाली मंडियां: धमधा (दुर्ग), पत्थलगांव (जशपुर), रायपुर थोक सब्जी मंडी, बिलासपुर
अन्य संबंधित फसलें
33 जिला दर्शन
जिलेवार प्रमुख फसलों और कृषि सांख्यिकी का अवलोकन करें।
किसान कॉल सेंटर (टोल फ्री)
कृषि वैज्ञानिकों से सीधे फसल, खाद एवं कीट नियंत्रण की सलाह प्राप्त करें।
1800-180-1551