पारंपरिक भाजियां • औषधीय भाजी

कांदा भाजी व चरोटा भाजी (Kanda & Charota Bhaji)

Sweet Potato Leaves & Charota Greens

शकरकंद के कोमल पत्तों (कांदा भाजी) तथा वर्षा ऋतु में स्वतः उगने वाले चरोटा के पत्तों से तैयार पारंपरिक देशी साग, जो अपने औषधीय गुणों के लिए विख्यात है।

तैयारी: 15-20 मिनट
पकाने का समय: 20-25 मिनट
परोस: 4-5 व्यक्ति
स्तर: पारंपरिक विधि

मुख्य सामग्री (Ingredients)

सामग्री तैयार होते ही चेकबॉक्स टिक करें:

परोसने का सही तरीका

पारंपरिक संगति:
मक्का या चावल की रोटी के साथ।

पर्व व सांस्कृतिक महत्व

कांदा भाजी व चरोटा भाजी (Kanda & Charota Bhaji) छत्तीसगढ़िया लोक-जीवन से गहरा जुड़ा हुआ है।

भादों-क्वार माह एवं बारिश के मौसम में

बनाने की संपूर्ण पारंपरिक विधि (Step-by-Step Method)

1
तैयारी (Preparation) : सभी आवश्यक ताजी सामग्री को एकत्रित कर लें। यदि चावल का आटा उपयोग कर रहे हैं, तो उसे छान लें। यदि दाल या भीगी सामग्री है, तो उसे सिलबट्टे या मिक्सी में दरदरा पीस लें।
2
गूंथना / घोल तैयार करना (Mixture & Shaping) : भाजी को अच्छी तरह धोकर भाप में पकाया जाता है और फिर लहसुन-जीरे से तड़का लगाकर तैयार किया जाता है।
3
पकाना या भाप देना (Cooking Process) : आंच को मध्यम रखें ताकि व्यंजन अंदर तक अच्छी तरह पक जाए। भाप में पकने वाले व्यंजनों को 15-20 मिनट ढंककर भाप दें। तलने वाले व्यंजनों को धीमी आंच पर सुनहरा व कुरकुरा होने तक तलें।
4
छौंक (तड़का) एवं अंतिम रूप (Finishing Touch) : तिल, राई, हरी मिर्च या मेथी के तड़के से सुगंधित करें। अंत में ताजे कटे हरे धनिए से सजाकर गर्मागर्म परोसें।

दादी-नानी का पारंपरिक राज़ (Special Tip) :

पारंपरिक स्वाद के लिए इसे लोहे की कड़ाही या मिट्टी के बर्तन में पकाएं। छौंक में देशी गाय का घी या शुद्ध सरसों तेल का उपयोग करें और टमाटर की चटनी को सिलबट्टे पर ही पीसें।

स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी लाभ (Health Benefits)

पेट के कीड़ों और त्वचा रोगों में लाभकारी, पारंपरिक प्राकृतिक डिटॉक्स आहार।

सुपाच्य एवं हल्का भोजन
100% प्राकृतिक एवं देशी सामग्री
अत्यंत कम तेल / शून्य कोलेस्ट्रॉल
ऊर्जावान व रोग प्रतिरोधक

क्या आप इसे चखना चाहते हैं?

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