हर बेघर को पक्का घर आवास एवं निर्माण

प्रधानमंत्री आवास योजना (18 लाख पक्के आवास स्वीकृति)

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग / नगरीय प्रशासन विभाग

₹1.20 लाख से ₹2.50 लाख तक का अनुदान + 90 दिन मनरेगा मजदूरी

विस्तृत विवरण एवं योजना का उद्देश्य

"छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बेघर व कच्चे मकानों में रहने वाले 18 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्का पक्के मकान की सौगात। पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों की मंजूरी दी गई।"

छत्तीसगढ़ सरकार ने शपथ लेते ही पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 लाख ग्रामीण परिवारों के रोके गए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति जारी कर राशि अंतरित की, जिससे लाखों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ।

प्रमुख वित्तीय लाभ एवं विशेषताएं

  • मैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख व आईएपी/पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.30 लाख अनुदान
  • मनरेगा के तहत 90-95 दिवस की अकुशल मजदूरी राशि अलग से
  • स्वच्छ भारत मिशन के तहत ₹12,000 का शौचालय निर्माण अनुदान
  • उज्ज्वला गैस कनेक्शन और सौभाग्य बिजली कनेक्शन का स्वतः लाभ

पात्रता के नियम व शर्तें

एसईसीसी (SECC) 2011 सूची एवं आवास प्लस 2018 के पात्र हितग्राही परिवार, जिनके पास पक्का मकान नहीं है।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची

आधार कार्ड व राशन कार्ड (बीपीएल / अंत्योदय)
जमीन का पट्टा / खसरा बी-1
आधार से लिंक बैंक पासबुक
कच्चे मकान का जियो-टैग फोटो

आवेदन करने की संपूर्ण विधि (Process)

ग्राम पंचायत सचिव या जनपद पंचायत कार्यालय में आवास प्लस सूची के आधार पर सत्यापन होता है। तकनीकी स्वीकृति और जियो-टैगिंग के उपरांत किस्तों में राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल:
https://pmayg.nic.in
पोर्टल खोलें

सावधान: बिचौलियों से बचें

छत्तीसगढ़ शासन की समस्त योजनाओं में आवेदन पूर्णतः निःशुल्क अथवा निर्धारित शासकीय शुल्क पर होता है। किसी भी व्यक्ति को अवैध राशि न दें।