विस्तृत विवरण एवं योजना का उद्देश्य
"छत्तीसगढ़ के 13 लाख से अधिक आदिवासी एवं ग्रामीण तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को ₹5,500 प्रति मानक बोरा की ऐतिहासिक दर से भुगतान तथा बोनस व चरण पादुका योजना का पुनरारंभ।"
हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता से बस्तर और सरगुजा के लाखों वनांचल परिवारों की आजीविका चलती है। खरीदी दर में ₹1,500 प्रति मानक बोरा की ऐतिहासिक वृद्धि से आदिवासी परिवारों को सैकड़ों करोड़ का अतिरिक्त लाभ मिला है।
प्रमुख वित्तीय लाभ एवं विशेषताएं
- तेंदूपत्ता संग्रहण दर ₹4,000 से बढ़ाकर सीधे ₹5,500 प्रति मानक बोरा
- संग्राहकों को चरण पादुका, छाता व पानी की बोतल वितरण
- मेधावी छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति
- दुर्घटना बीमा एवं आकस्मिक मृत्यु पर ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता
पात्रता के नियम व शर्तें
छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति के पंजीकृत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
आवेदन करने की संपूर्ण विधि (Process)
स्थानीय प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति (फड़) में संग्रहण काल के दौरान पत्तों की तुड़ाई कर जमा किया जाता है। पारिश्रमिक सीधे बैंक खाते में भुगतान होता है।
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33 जिला दर्शन
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सावधान: बिचौलियों से बचें
छत्तीसगढ़ शासन की समस्त योजनाओं में आवेदन पूर्णतः निःशुल्क अथवा निर्धारित शासकीय शुल्क पर होता है। किसी भी व्यक्ति को अवैध राशि न दें।