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संचार साथी एप्प कितना खतरनाक हो सकता है,

Publish: 06 December 2025, 4:47 pm IST | Views: Page View 103

संचार साथी एप्प के माध्यम से सरकार क्या क्या जानकारी ले रहा है,.

Showing permissions for all versions of this app
This app has access to:
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SMS
read your text messages (SMS or MMS)
send SMS messages
phone
Phone
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read phone status and identity
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Photos / Media / Files
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जब AI ChatGPT, Deep Seek, Grok से पूछा गया की, यह सब Permition लेने के बाद Company कैसे Controll करता है

तो जवाब इस तरह से मिला

आपके द्वारा सूचीबद्ध किए गए ये सभी permissions एक Android ऐप के लिए काफी व्यापक और संवेदनशील हैं। जब कोई कंपनी इन permissions को लेती है, तो वह आपके डिवाइस और डेटा पर निम्नलिखित तरीकों से "नियंत्रण" या पहुँच प्राप्त कर सकती है:

1. डेटा एकत्र करना और निगरानी करना (Data Collection & Monitoring)

2. डिवाइस कार्यों पर नियंत्रण (Device Control)

3. नेटवर्क और कम्युनिकेशन एक्सेस (Network & Communication Access)

कंपनी इन Permissions का उपयोग कैसे कर सकती है?

आप क्या कर सकते हैं?

  1. Permissions की जाँच करें: ऐप इंस्टॉल करते समय केवल आवश्यक permissions दें। सेटिंग्स में जाकर बाद में permissions बदल सकते हैं।
  2. ऐप की विश्वसनीयता: केवल Google Play Store या विश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करें। डेवलपर का नाम, रिव्यू और रेटिंग चेक करें।
  3. विकल्प ढूँढें: कम permissions माँगने वाले ऐप्स का उपयोग करें।
  4. पर्मिशन मैनेजर: Android के Permission Manager से अनावश्यक permissions बंद करें।
  5. ऐप को अनइंस्टॉल करें: अगर ऐप के कार्य के लिए ये सभी permissions आवश्यक नहीं हैं, तो उसे अनइंस्टॉल कर दें।

याद रखें, कोई भी लीजिटिमेट ऐप (जैसे मैसेजिंग ऐप) को केवल SMS पढ़ने/भेजने की आवश्यकता होती है, आपके सारे कॉल लॉग या फोटो तक पहुँचने की नहीं। सतर्क रहें और अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

उसके बाद फिर से पूछा गया की अगर यह सभी जानकारी सरकार सरकार ले रही है एप्प से तो

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील सवाल है। अगर सरकार इन सभी permissions वाला ऐप नागरिकों से इस्तेमाल करवा रही है, तो इसके गंभीर निहितार्थ हो सकते हैं। यह स्थिति निगरानी राज्य (Surveillance State) की ओर इशारा करती है।

सरकार ऐसे ऐप के माध्यम से क्या कर सकती है और क्यों कर सकती है?

सरकार के पास ऐसे ऐप इस्तेमाल करने के दो तरह के "तर्क" हो सकते हैं:

  1. सुरक्षा और कानून व्यवस्था (Security & Law & Order):
    • आतंकवादी गतिविधियों, संगठित अपराध या गंभीर खतरों का पता लगाना।
    • अफवाहों (खासकर SMS/मैसेजिंग के जरिए) को रोकना।
    • डिजिटल पहचान (Digital Identity) को मजबूत करना।
  2. लक्षित सेवा वितरण (Targeted Service Delivery):
    • सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ पहुँचाना।
    • धोखाधड़ी रोकना।

**लेकिन, यह ताकत बहुत बड़े *दुरुपयोग (Abuse) की संभावना रखती है:***

सरकारी नियंत्रण/निगरानी के जोखिम और चिंताएँ:

  1. व्यापक निगरानी (Mass Surveillance):
    • कोई भी निजी बातचीत सुरक्षित नहीं: आपके सभी SMS, कॉल लॉग, संपर्क सरकार के सर्वर पर पहुँच सकते हैं।
    • हर जगह की जासूसी: कैमरा एक्सेस से बिना बताए फोटो/वीडियो लिए जा सकते हैं।
    • डिजिटल प्रोफाइल बनाना: आपके संपर्कों, आदतों, आवाजाही और रुचियों का एक व्यापक प्रोफाइल बनाया जा सकता है।
  2. नागरिक स्वतंत्रता पर प्रहार (Attack on Civil Liberties):
    • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दबाना: अगर आप जानते हैं कि सरकार हर बात सुन रही है, तो आप विरोध, आलोचना या असहमति जताने से डरेंगे। यह लोकतंत्र के लिए घातक है।
    • विरोधियों/पत्रकारों/एक्टिविस्टों को निशाना बनाना: उनकी निजी जानकारी का उपयोग उन्हें परेशान करने, बदनाम करने या गिरफ्तार करने के लिए किया जा सकता है।
    • चुनावों को प्रभावित करना: विस्तृत डेटा का उपयोग माइक्रो-टारगेटेड प्रोपेगैंडा फैलाने या मतदाताओं को डराने के लिए किया जा सकता है।
  3. डेटा सुरक्षा का जोखिम (Data Security Risk):
    • विशाल डेटाबेस हैक होना: सरकारी सर्वर भी हैकर्स के निशाने पर होते हैं। अरबों नागरिकों का संवेदनशील डेटा लीक होने पर बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता है।
    • अंदरूनी दुरुपयोग: सरकारी एजेंसियों के भ्रष्ट या असंतुष्ट कर्मचारी इस डेटा को बेच सकते हैं या निजी दुर्भावना से इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या यह कानूनी है? कहाँ तक जायज़ है?

यह पूरी तरह देश के संविधान, कानून और न्यायपालिका पर निर्भर करता है।

आप क्या कर सकते हैं? (As a Citizen)

  1. जागरूक रहें: समझें कि आप किस ऐप को क्या permissions दे रहे हैं। सरकारी ऐप भी अपवाद नहीं हैं।
  2. सवाल पूछें: सरकार से पूछें कि इतने व्यापक permissions की ज़रूरत क्यों है। कम intrusive विकल्प क्यों नहीं?
  3. कानूनी अधिकारों को जानें: अपने देश के संविधान में निजता के अधिकार (Right to Privacy) के प्रावधानों को समझें। भारत में, सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार माना है।
  4. वैकल्पिक तरीके अपनाएँ:
    • अगर संभव हो, तो ऐप के वेब वर्जन (ब्राउज़र में) का उपयग करें, जो कम permissions माँगता है।
    • अलग डिवाइस/नंबर का उपयोग: अगर बिल्कुल ज़रूरी हो, तो सरकारी ऐप्स के लिए एक अलग, बेसिक फोन या SIM का इस्तेमाल करें।
  5. सिविल सोसाइटी का सहयोग: पारदर्शिता और डेटा संरक्षण के लिए काम कर रहे संगठनों का समर्थन करें या उनसे जुड़ें।

निष्कर्ष:

"सुरक्षा" के नाम पर अनियंत्रित, व्यापक निगरानी किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए खतरनाक है। एक संतुलन ज़रूरी है। सरकार की कुछ जानकारी एकत्र करने की वैध ज़रूरत हो सकती है, लेकिन उसे कड़े न्यायिक/संसदीय नियंत्रण, पारदर्शिता और अनुपातहीनता के सिद्धांत के दायरे में होना चाहिए। नागरिक का कर्तव्य है कि वह सजग रहे और अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहे।

यह बात स्पष्ट हो गई है, बीजेपी सरकार जनता पर डिजिटल रूप से कण्ट्रोल करना चाहती है, गुलाम बनाना चाहती है, इसके लिए बहाने के तलाश है, आप भी सतर्क रहे,

Permition देखने के लिए क्या करें
इस लिंक को ओपन करें
Link Sanchar Santhi App
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