छत्तीसगढ़ की राजनीति एवं राजव्यवस्था

90 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, 11 लोकसभा सीटें, वर्तमान मंत्रिमंडल, संवैधानिक प्रमुख, मुख्यमंत्रियों का इतिहास एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन का संपूर्ण राजनीतिक दर्पण।

90 सीटें
एकसदनीय विधानसभा (29 ST | 10 SC | 51 Gen)
11 सीटें
लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (4 ST | 1 SC | 6 Gen)
5 सीटें
राज्यसभा प्रतिनिधित्व
1 नवंबर 2000
26वां भारतीय राज्य गठन दिवस

राज्य के प्रमुख संवैधानिक पदधारक (Key Dignitaries)

राज्यपाल (Governor)

श्री रमेन डेका

मुख्यमंत्री (Chief Minister)

श्री विष्णुदेव साय

विधानसभा अध्यक्ष (Speaker)

डॉ. रमन सिंह

नेता प्रतिपक्ष (LoP)

डॉ. चरणदास महंत

90 विधानसभा सीटों का संभागवार वर्गीकरण

छत्तीसगढ़ विधानसभा एकसदनीय है। इसमें कुल 90 सीटें हैं, जिनमें 29 सीटें अनुसूचित जनजाति (ST) एवं 10 सीटें अनुसूचित जाति (SC) हेतु आरक्षित हैं।

बिलासपुर संभाग

24 सीटें

सीटें: बिलासपुर, बिल्हा, बेलतरा, मस्तूरी (SC), कोटा, तखतपुर, मुंगेली (SC), लोरमी, कोरबा, कटघोरा, रामपुर (ST), पाली-तानाखार (ST), जांजगीर-नैला, अकलतरा, पामगढ़ (SC), सक्ती, चंद्रपुर, जैजैपुर, रायगढ़, खरसिया, लैलूंगा (ST), धरमजयगढ़ (ST), सारंगढ़ (SC)

रायपुर संभाग

20 सीटें

सीटें: रायपुर ग्रामीण, रायपुर नगर पश्चिम, रायपुर नगर उत्तर, रायपुर नगर दक्षिण, धरसींवा, आरंग (SC), अभनपुर, बलौदाबाजार, भाटापारा, कसडोल, बिलाईगढ़ (SC), राजिम, बिंद्रानवागढ़ (ST), कुरूद, धमतरी, सिहावा (ST), महासमुंद, खल्लारी, बसना, सरायपाली (SC)

दुर्ग संभाग

20 सीटें

सीटें: पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा (SC), साजा, बेमेतरा, नवागढ़ (SC), कवर्धा, पंडरिया, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, डोंगरगढ़ (SC), खुज्जी, मोहला-मानपुर (ST)

सरगुजा संभाग

14 सीटें

सीटें: अंबिकापुर, सीतापुर (ST), लुंड्रा (ST), सामरी (ST), रामानुजगंज (ST), प्रतापपुर (ST), भटगांव, प्रेमनगर, बैकुंठपुर, भरतपुर-सोनहत (ST), मनेन्द्रगढ़, जशपुर (ST), कुनकुरी (ST), पत्थलगांव (ST)

बस्तर संभाग

12 सीटें

सीटें: जगदलपुर, बस्तर (ST), चित्रकोट (ST), दंतेवाड़ा (ST), बीजापुर (ST), कोंटा (ST), नारायणपुर (ST), केशकाल (ST), कोण्डागांव (ST), कांकेर (ST), भानुप्रतापपुर (ST), अंतागढ़ (ST)

छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र

रायपुर (Raipur)

सामान्य (General)

राज्य की राजधानी, सर्वाधिक मतदाता वाला संसदीय क्षेत्र

बिलासपुर (Bilaspur)

सामान्य (General)

न्यायधानी क्षेत्र, रेलवे जोन मुख्यालय

दुर्ग (Durg)

सामान्य (General)

औद्योगिक क्षेत्र भिलाई व दुर्ग जिला सम्मिलित

राजनांदगांव (Rajnandgaon)

सामान्य (General)

संस्कारधानी क्षेत्र, कवर्धा व मोहला-मानपुर सम्मिलित

कोरबा (Korba)

सामान्य (General)

ऊर्जाधानी क्षेत्र, कोरिया, मनेन्द्रगढ़ व पाली सम्मिलित

महासमुंद (Mahasamund)

सामान्य (General)

गरियाबंद, धमतरी व महासमुंद विधानसभाएं सम्मिलित

जांजगीर-चांपा (Janjgir-Champa)

अनुसूचित जाति (SC)

राज्य का एकमात्र अनुसूचित जाति आरक्षित संसदीय क्षेत्र

रायगढ़ (Raigarh)

अनुसूचित जनजाति (ST)

जशपुर व रायगढ़ वनांचल क्षेत्र आरक्षित

सरगुजा (Surguja)

अनुसूचित जनजाति (ST)

अंबिकापुर, बलरामपुर व सूरजपुर सम्मिलित

बस्तर (Bastar)

अनुसूचित जनजाति (ST)

जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा सम्मिलित

कांकेर (Kanker)

अनुसूचित जनजाति (ST)

उत्तर बस्तर, बालोद व सिहावा क्षेत्र सम्मिलित

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों का ऐतिहासिक कालक्रम (2000 - वर्तमान)

1 नवंबर 2000 - 6 दिसंबर 2003

अजीत प्रमोद कुमार जोगी (Ajit Jogi)

दल: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)

छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री। पूर्व आईएएस अधिकारी व राज्य गठन के बाद प्रथम सरकार का नेतृत्व किया।

7 दिसंबर 2003 - 16 दिसंबर 2018 (3 कार्यकाल - 15 वर्ष)

डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh)

दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)

राज्य के सबसे लंबे समय तक (15 वर्ष लगातार) मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड। ₹1 व ₹2 किलो चावल योजना से "चावल वाले बाबा" के रूप में ख्याति। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष।

17 दिसंबर 2018 - 12 दिसंबर 2023

भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel)

दल: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)

पाटन विधानसभा से निर्वाचित। छत्तीसगढ़ी संस्कृति, तीजा-पोला-बोरे बासी, गोधन न्याय योजना एवं स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की शुरुआत।

13 दिसंबर 2023 - वर्तमान

विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai)

दल: भारतीय जनता पार्टी (BJP)

कुनकुरी (जशपुर) से निर्वाचित। छत्तीसगढ़ के प्रथम निर्वाचित आदिवासी मुख्यमंत्री। महतारी वंदन योजना (₹1000/माह) एवं ₹3,100 प्रति क्विंटल धान खरीदी का क्रियान्वयन।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन का ऐतिहासिक सफर

1924

पं. सुंदरलाल शर्मा

रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी में प्रथम बार पृथक 'छत्तीसगढ़ राज्य' की मांग का स्पष्ट संकल्प रखा। उन्हें 'छत्तीसगढ़ का गांधी' कहा जाता है।

1956 & 1967

डॉ. खूबचंद बघेल

राजनांदगांव में 'छत्तीसगढ़ महासभा' (1956) एवं 'छत्तीसगढ़ भ्रातृत्व संघ' (1967) का गठन कर जन-आंदोलन को संगठित स्वरूप प्रदान किया।

1 नवंबर 2000

मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम

संसद द्वारा पारित विधेयक पर तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन के हस्ताक्षर के बाद छत्तीसगढ़ देश के 26वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।