धान का कटोरा - पारंपरिक स्वाद धरोहर

छत्तीसगढ़ी खान-पान एवं पारंपरिक स्वाद

स्वाद, सेहत और संस्कृति का संगम — फरा, चीला, बोरे-बासी, अंगाकर रोटी, 36+ मौसमी भाजियां, तीजा-पोरा की ठेठरी-खुरमी और बस्तर की विश्व प्रसिद्ध चापड़ा चटनी की संपूर्ण जानकारी।

25+
पारंपरिक व्यंजन
36+
मौसमी देशी भाजियां
10+
त्योहारी मीठे पकवान
33
जिलों में 'गढ़कलेवा'

विशुद्ध पारंपरिक स्वाद

कम तेल, भाप में पके, प्राकृतिक किण्वन (Fermented) एवं पौष्टिकता से भरपूर देशी व्यंजन

कुल प्रदर्शित व्यंजन: 25
नाश्ता एवं रोटी

फरा (Phara / Steamed Rice Dumplings)

Chhattisgarhi Rice Fara

छत्तीसगढ़ का सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध नाश्ता। पके हुए चावल या चावल के आटे को भाप (स्टीम) में पकाकर राई, तिल और हरी मिर्च से छौंक कर बनाया जाता है।

मुख्य सामग्री:
चावल का आटा या बचा हुआ पका चावल सफेद तिल राई (सरसों के दाने) हरी मिर्च व करी पत्ता +2 और
नाश्ता एवं रोटी

चीला (Chhattisgarhi Rice Cheela)

Savory Rice Crepe / Cheela

चावल के आटे का पतला, कुरकुरा और स्वादिष्ट नमकीन डोसा/क्रेप। हर छत्तीसगढ़ी घर के नाश्ते की पहली पहचान और बच्चों से बुजुर्गों का पसंदीदा भोजन।

मुख्य सामग्री:
चावल का आटा बारीक कटी हरी मिर्च जीरा नमक स्वादानुसार +2 और
नाश्ता एवं रोटी

बोरे-बासी (Bore Baasi - CG Superfood)

Fermented Rice Superfood (Bore Baasi)

छत्तीसगढ़ का पारंपरिक अमृत तुल्य भोजन। रात के पके चावल को पानी में भिगोकर रातभर किण्वित (ferment) किया जाता है। 1 मई को पूरे राज्य में "बोरे बासी तिहार" मनाया जाता है।

मुख्य सामग्री:
पका हुआ चावल (भात) ठंडा शुद्ध पानी या पका मांड गोंदली (कच्चा प्याज) हरी मिर्च +3 और
नाश्ता एवं रोटी

अंगाकर रोटी (Angakar Roti)

Wood-Ash Baked Rice Flatbread

पलाश, महुआ या केले के पत्तों में लपेटकर लकड़ी या कंडे के दहकते अंगारों (अंगार) पर धीमी आंच में सेकी जाने वाली सौंधी खुशबूदार पारंपरिक मोटी रोटी।

मुख्य सामग्री:
चावल का आटा या पका हुआ भात पलाश या महुआ के ताजे पत्ते हल्का नमक जीरा या अजवाइन +1 और
नाश्ता एवं रोटी

चौसेला (Chausela / Rice Poori)

Crispy Rice Flour Puffed Poori

चावल के आटे से बनने वाली फूली-फूली, कुरकुरी और सुनहरी पूड़ी। त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर हर घर में बनाई जाने वाली पारंपरिक रोटी।

मुख्य सामग्री:
चावल का आटा गर्म पानी हल्का नमक या अजवाइन तलने के लिए शुद्ध तेल
नाश्ता एवं रोटी

मुठिया (Muthia)

Steamed Rice Muthia Dumplings

चावल के आटे, मेथी व मसालों को हाथों की मुट्ठी से दबाकर भाप में पकाया जाने वाला अत्यंत पौष्टिक और हल्का पारंपरिक स्नैक।

मुख्य सामग्री:
चावल का आटा बारीक कटी ताजी मेथी या पालक अदरक-लहसुन पेस्ट तिल, राई, जीरा +1 और
पारंपरिक भाजियां

कर्मत्ता भाजी (Karmatta Bhaji)

Water Spinach / Karmatta Saag

छत्तीसगढ़ की सबसे लोकप्रिय जल-भाजी। तालाबों व मेड़ों पर उगने वाली यह भाजी चना दाल या आलू के साथ पकाई जाती है और बोरे-बासी के साथ अनिवार्य रूप से खाई जाती है।

मुख्य सामग्री:
ताजी कर्मत्ता भाजी भीगी हुई चना दाल लहसुन व सूखी लाल मिर्च सरसों का तेल व नमक
पारंपरिक भाजियां

बोहार भाजी (Bohar Bhaji - जंगल का अनोखा स्वाद)

Rare Bohar Forest Greens

छत्तीसगढ़ की सबसे दुर्लभ, महंगी और राजसी भाजी। यह जमीन पर नहीं बल्कि बोहार के ऊंचे पेड़ों पर वसंत ऋतु में आने वाली कोमल कलियों और पत्तों से बनाई जाती है।

मुख्य सामग्री:
ताजी बोहार की कोमल कलियां व पत्ते दही या मही (छाछ) लहसुन, मेथी दाना व सूखी मिर्च हल्दी व नमक
पारंपरिक भाजियां

लाल भाजी व चेच भाजी (Lal & Chech Bhaji)

Red Amaranth & Chech Saag

छत्तीसगढ़ के हर खेत-खलिहान में लहलहाने वाली लाल रंग की चौलाई भाजी और चेच भाजी। लहसुन और मिर्च के छौंक के साथ इसका खट्टा-मीठा स्वाद अद्वितीय होता है।

मुख्य सामग्री:
लाल भाजी / चेच भाजी खूब सारा लहसुन सूखी लाल मिर्च टमाटर या अमचूर +1 और
पारंपरिक भाजियां

कांदा भाजी व चरोटा भाजी (Kanda & Charota Bhaji)

Sweet Potato Leaves & Charota Greens

शकरकंद के कोमल पत्तों (कांदा भाजी) तथा वर्षा ऋतु में स्वतः उगने वाले चरोटा के पत्तों से तैयार पारंपरिक देशी साग, जो अपने औषधीय गुणों के लिए विख्यात है।

मुख्य सामग्री:
कांदा भाजी या चरोटा भाजी लहसुन, हरी मिर्च चना दाल या टमाटर नमक व सरसों तेल
दाल, कढ़ी एवं सब्जियां

दुबकी कढ़ी (Dubki Kadhi)

Urad Dal Dumpling Kadhi

छत्तीसगढ़ की एक अनोखी कढ़ी जिसमें उड़द दाल के पेस्ट की छोटी-छोटी बड़ियों को बिना तले सीधे उबलती हुई छाछ/कढ़ी में डुबोकर (स्टीम देकर) पकाया जाता है।

मुख्य सामग्री:
उड़द की दाल (भीगी व पिसी) खट्टी छाछ (मही) या दही बेसन मेथी दाना, करी पत्ता, हींग +1 और
दाल, कढ़ी एवं सब्जियां

रखिया बड़ी की सब्जी (Rakhia Badi Curry)

Ash Gourd & Urad Dal Nuggets Curry

रखिया (पेठा कद्दू) और उड़द दाल के पेस्ट को धूप में सुखाकर सालभर के लिए संजोई जाने वाली सुगंधित बड़ी। आलू या टमाटर के साथ इसकी रसेदार सब्जी का स्वाद लाजवाब होता है।

मुख्य सामग्री:
रखिया बड़ी आलू या देशी टमाटर धनिया-जीरा पाउडर, गरम मसाला लहसुन-अदरक पेस्ट +1 और
नमकीन व स्नैक्स

उड़द दाल का बड़ा / बरा (Urad Dal Bada)

Crispy Chhattisgarhi Bada

धुली उड़द दाल को सिलबट्टे पर पीसकर, फेंटकर बनाए जाने वाले गोल-गोल छेद वाले सुनहरे और फूले-फूले बड़े। हर छत्तीसगढ़ी शादी, पितर और पर्व का अनिवार्य व्यंजन।

मुख्य सामग्री:
धुली उड़द दाल बारीक कटी हरी मिर्च व अदरक जीरा व हींग हरा धनिया +1 और
नमकीन व स्नैक्स

ठेठरी (Thethari - Crispy Besan Rings)

Crunchy Besan Twisters (Thethari)

बेसन, अजवाइन और तेल के मोयन से गूंथकर बनाई जाने वाली छल्लेदार, मुड़ी हुई बेहद कुरकुरी नमकीन। तीजा और पोरा तिहार में खुरमी के साथ यह हर घर में बनाई जाती है।

मुख्य सामग्री:
चना बेसन अजवाइन व सफेद तिल हल्की हल्दी व लाल मिर्च पाउडर मोयन के लिए तेल +1 और
पारंपरिक मीठे पकवान

खुरमी (Khurmi - Traditional Sweet Crunchy)

Jaggery & Wheat-Rice Sweet Bites

गेहूं और चावल के आटे में गुड़ की चाशनी, सफेद तिल और घी का मोयन देकर गढ़ी जाने वाली खस्ता, मीठी और कुरकुरी पारंपरिक टिकिया। पोरा-तीजा पर्व की सबसे बड़ी मिठास।

मुख्य सामग्री:
गेहूं का आटा व चावल का आटा देसी गुड़ की चाशनी सफेद तिल व सौंफ इलायची पाउडर +1 और
पारंपरिक मीठे पकवान

देहरौरी (Dehrori - CG का शाही रसगुल्ला)

Chhattisgarhi Rice Flour Sweet (Dehrori)

दरदरे भीगे चावल और खट्टे दही के घोल से तैयार, देसी घी में तली और इलायची-केसर युक्त गाढ़ी चाशनी में डूबी हुई छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध शाही मिठाई। इसे छत्तीसगढ़ का रसगुल्ला भी कहते हैं।

मुख्य सामग्री:
भीगा दरदरा पिसा चावल गाढ़ा खट्टा दही चीनी या गुड़ की चाशनी इलायची व केसर +1 और
पारंपरिक मीठे पकवान

तसमई (Tasmai - सुगंधित चावल की पारंपरिक खीर)

Traditional Fragrant Rice Kheer

छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सुगंधित दुबराज या जीराफूल चावल, गाढ़े गाय के दूध और गुड़ अथवा खांडसारी से धीमी आंच में पकाकर तैयार की जाने वाली अत्यंत सुवासित और मलाईदार खीर।

मुख्य सामग्री:
छत्तीसगढ़ का दुबराज या जीराफूल चावल गाढ़ा मलाईदार दूध गुड़ या मिश्री काजू, किशमिश, चिरौंजी +1 और
पारंपरिक मीठे पकवान

अइरसा / अनरसा (Airsa)

Crispy Sesame-Coated Rice Sweet

तीन दिनों तक पानी में भिगोए गए चावल के आटे और गुड़ की चाशनी को मिलाकर, ऊपर से सफेद तिल लपेटकर धीमी आंच में तली जाने वाली कुरकुरी व जालीदार मिठाई।

मुख्य सामग्री:
भीगे चावल का दरदरा आटा गुड़ खूब सारा सफेद तिल घी/तेल
बस्तर व वनांचल विशेष

चापड़ा चटनी (Chaprah Chutney - GI Tag प्राप्त)

Bastar Red Ant Chutney (GI Tagged)

बस्तर के आदिवासी अंचल की विश्व विख्यात लाल चींटी (वीवर आंट) और उनके अंडों से तैयार तीखी-खट्टी चटनी। इसे भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रदान किया गया है।

मुख्य सामग्री:
साल व महुआ के पेड़ों से एकत्रित लाल चींटियां व अंडे हरी व लाल मिर्च लहसुन व अदरक धनिया पत्ता व नमक
बस्तर व वनांचल विशेष

मड़िया पेज (Madiya Page / Ragi Malt Soup)

Nutritious Finger Millet (Ragi) Broth

मड़िया (रागी / फिंगर मिलेट) के आटे और पके चावल के मांड से तैयार किया जाने वाला बस्तर का अत्यंत पौष्टिक, शीतल और ऊर्जावान पारंपरिक सूप/पेय।

मुख्य सामग्री:
मड़िया (रागी) का आटा चावल का मांड या पानी हल्का नमक मही (छाछ)
बस्तर व वनांचल विशेष

बांस करील / बांस पिहिका (Bamboo Shoot Curry)

Wild Bamboo Shoot (Karil) Curry

वर्षा ऋतु में बांस के नए निकलने वाले कोमल अंकुरों (करील) से बनाई जाने वाली रसेदार या सूखी सब्जी। बस्तर और सरगुजा के वनांचलों का अद्वितीय मौसमी व्यंजन।

मुख्य सामग्री:
ताजा कोमल बांस करील चना दाल या आलू मेथी, लहसुन, सूखी मिर्च हल्दी व गरम मसाला
बस्तर व वनांचल विशेष

महुआ लाटा (Mahua Laata)

Traditional Sweet Mahua & Seed Paste

सूखे महुआ के फूलों को कूटकर, भुने हुए तिल्ली या अलसी के साथ सिलबट्टे पर गूंथकर तैयार किया जाने वाला पारंपरिक मीठा व ऊर्जावान आदिवासी पकवान।

मुख्य सामग्री:
धूप में सूखे शुद्ध महुआ फूल भुनी हुई तिल्ली (तिल) या अलसी महुआ बीज (टोरा) सोंठ पाउडर
नमकीन व स्नैक्स

सलोनी / खुरमा (Saloni / CG Namkeen)

Crispy Spiced Wheat Ribbon Crisps

मैदे या गेहूं के आटे में अजवाइन, कलौंजी और मोयन मिलाकर हीरे (डायमंड) के आकार में काटकर तली जाने वाली बेहद कुरकुरी नमकीन। हर त्योहार के नाश्ते की थाली में मौजूद।

मुख्य सामग्री:
गेहूं का आटा या मैदा अजवाइन व मंगरैल (कलौंजी) शुद्ध तेल मोयन हेतु नमक स्वादानुसार
पारंपरिक मीठे पकवान

कारी लड्डू (Kari Laddu)

Besan Sev & Jaggery Traditional Ladoo

बेसन की मोटी सेव (कारी) को तलकर गाढ़ी गुड़ की चाशनी में पागकर (मिलाकर) बनाए जाने वाले बड़े-बड़े पारंपरिक लड्डू। हर गांव और मेले की पहचान।

मुख्य सामग्री:
चना बेसन देसी गुड़ की चाशनी सोंठ पाउडर व सौंफ तलने हेतु तेल
दाल, कढ़ी एवं सब्जियां

सिलबट्टा टमाटर-मिर्च चटनी (Desi Silbatta Chutney)

Charred Tomato & Chili Stone Ground Dip

अंगारों पर भुने देसी टमाटर, लहसुन, तीखी हरी मिर्च और ताजे हरे धनिए को पारंपरिक सिलबट्टे पर पीसकर बनाई जाने वाली चटनी, जिसके बिना फरा, चीला और अंगाकर रोटी का स्वाद अधूरा है।

मुख्य सामग्री:
कंडे या आंच पर भुने 3-4 लाल टमाटर 4-5 हरी मिर्च 6-7 कलियां देसी लहसुन ढेर सारा हरा धनिया +1 और

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छत्तीसगढ़ का सुपरफूड एवं स्वाभिमान

बोरे-बासी (Bore Baasi) : स्वाद, सेहत और स्वाभिमान का प्रतीक

छत्तीसगढ़ में रात के पके भात (चावल) को साफ पानी में भिगोकर प्राकृतिक रूप से किण्वित (ferment) कर सुबह गोंदली (प्याज), हरी मिर्च, आम के अचार और कर्मत्ता या लाल भाजी के साथ खाना सदियों पुरानी परंपरा है। यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़िया संस्कृति की पहचान है।

1 मई - बोरे-बासी तिहार: श्रमिक दिवस पर मुख्यमंत्री से लेकर आम जन तक गर्व से बोरे-बासी खाकर उत्सव मनाते हैं।
प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स: रातभर के किण्वन से विटामिन B12, आयरन, पोटैशियम और लाभदायक बैक्टीरिया का खजाना।
लू व डिहाइड्रेशन से सुरक्षा: भीषण गर्मी में शरीर को शीतलता और ताजगी प्रदान करता है।
सुपाच्य एवं ऊर्जावान: किसानों और मेहनतकशों को दिनभर की कड़ी धूप में अटूट ऊर्जा देता है।

पारंपरिक बोरे-बासी थाली

कांस्य या मिट्टी के बर्तन में परोसी जाने वाली प्रामाणिक सामग्री
चावल (भात) + पानी कच्चा प्याज (गोंदली) तीखी हरी मिर्च देसी आम आचार कर्मत्ता / लाल भाजी मही (छाछ) / गाढ़ा दही तली हुई बड़ी / बिजौरी
गढ़कलेवा केंद्र
समस्त 33 जिलों में

गढ़कलेवा (Gadhkalewa) : जहां मिलता है छत्तीसगढ़ी स्वाद का असली आनंद

छत्तीसगढ़ सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में 'गढ़कलेवा' केंद्रों की स्थापना की गई है। यहां छत्तीसगढ़ी महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) द्वारा पारंपरिक माहौल में, बिना मिलावट, शुद्ध देशी तरीके से फरा, चीला, अंगाकर रोटी, ठेठरी, खुरमी, देहरौरी और गरम-गरम व्यंजन परोसे जाते हैं।

रायपुर: महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस
संचालन: महिला स्व-सहायता समूह (महिला सशक्तिकरण)
विशेषता: पारंपरिक कांसे-पीतल के बर्तनों में प्रामाणिक स्वाद

छत्तीसगढ़ की 36+ प्रसिद्ध भाजियों का संसार

छत्तीसगढ़ को "भाजियों का प्रदेश" कहा जाता है — जानें मौसमी एवं औषधीय हरी भाजियां

36+ औषधीय भाजियां
कर्मत्ता भाजी
जल-भाजी (आयरन युक्त)
बोहार भाजी
पेड़ की कोमल कलियां
लाल भाजी
चौलाई (रक्तवर्धक)
चेच भाजी
देशी खेतों का साग
कांदा भाजी
शकरकंद के पत्ते
चरोटा भाजी
प्राकृतिक औषधीय साग
सुनसुनिया भाजी
चार पत्तियों वाली भाजी
कुम्हड़ा भाजी
कद्दू के कोमल पत्ते
पोई भाजी
रसीले पत्ते (पाचक)
मुनगा भाजी
सहजन/ड्रमस्टिक पत्ते
तीवड़ा भाजी
सर्दियों की दाल भाजी
अमारी भाजी
खट्टी-मीठी स्वादिष्ट भाजी

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